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Showing posts from May, 2025

तनाव कितनी देर तक लेना है यह तय करें

 तनाव कितनी देर तक लेना है यह तय करें  एक बार एक मनोविज्ञान के प्रोफेसर कक्षा में स्ट्रेस मैनेजमेंट पढ़ा रहे थे। तभी उन्होने पूछा, "मैं कितना भारी पानी का गिलास पकड़ा हूँ?" छात्रों ने आठ औंस से लेकर दो पाउंड तक कहा। प्रोफेसर ने कहा, "मेरे दष्टिकोण से इस गिलास का भार कितना है, यह कोई मायने नहीं रखता।  मैं इसे कितनी देर के लिए पकडता हूं यह महत्वपूर्ण है। अगर मैं इसे एक या दो मिनट के लिए पकडता हूं, तो यह हल्का है। अगर में इसे एक घंटे के लिए सीधा रखता हूं, तो इसके वजन से मेरे हाथ में दर्द हो सकता है। यदि मैं इसे एक दिन के लिए सीधा पकडूं तो मेरे हाथ में ऐंठन, सुन्नता या लकवाग्रस्त तक होने की आंशका है।  गिलास का वजन नहीं बदलता लेकिन मैंने कितनी देर तक इसे पकड़ा यह मेरी तकलीफ बढ़ा सकता है। अर्थात् जीवन में आप किसी भी समस्या के बारे में थोड़ी देर के लिए ही सोचें। अगर आप दिनभर उसके बारे में सोचेंगे तो सुन्न और लकवाग्रस्त महसूस करेंगे और जब तक सोंचेगें कुछ भी करने में असमर्थ रहेंगे। इसलिए तनाव अधिक लेने से सिर्फ समस्या बढ़ेगी, समाधान नहीं निकलेगा। अध्ययन के दौरान विश्राम की अव...

Skill Development & Training (कौशल विकास व प्रशिक्षण)

  कौशल विकास व प्रशिक्षण (Skill Development & Training) “आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त पहल” के तहत कौशल विकास एवं प्रशिक्षण किसी भी व्यक्ति को सशक्त बनाने, उनके भविष्य को सुरक्षित रखने और उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाता है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक योगदान की भावना को भी मज़बूत करता है। आज के वैश्वीकरण के युग में, शिक्षा और कौशल को एक-दूसरे का पूरक बनाना आवश्यक है। दोनों मिलकर ही किसी देश की आर्थिक प्रगति और समुदाय के विकास की नींव रखते हैं। भारतीय युवाओं रोजगार योग्य बनाने के लिए,नई तकनीकों और कार्यशैली के अनुसार स्वयं को ढालने  के लिए,प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए, स्वरोजगार या स्टार्टअप के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए तथा शैक्षणिक योग्यता और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की खाई को भरने के लिए कौशल विकास व प्रशिक्षण की आवश्यकता है | प्रहार राज फाउंडेशन का मानना है की “सीखने का सर्वोत्तम तरीका है—सीधे अनुभव से सीखना।” इसके लिए अधिक से अधिक युवाओं को ऑफलाइन प्रशिक्षण शिविरों, कार्यशालाओं, फील्ड ट्रेनिंग,बैंक और ...

Awareness (Social, Health, Environment, Career)

  जागरूकता (सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर) सामाजिक जागरूकता: सामाजिक जागरूकता बच्चों के सर्वांगीण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब बच्चे विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए लोगों के साथ संवाद करते हैं, तो उनके सामाजिक कौशल विकसित होते हैं। यह प्रक्रिया न केवल संवाद और सहयोग जैसे गुण सिखाती है, बल्कि बच्चों में सामाजिक ज़िम्मेदारी और व्यावसायिकता की भावना भी जाग्रत करती है — जो उनके भविष्य के व्यावसायिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है। इसके साथ ही, सामाजिक जागरूकता भारतीय संस्कारों, मूल्यों और संस्कृति के संरक्षण और पुनरुद्धार में भी सहायक होती है, जिससे बच्चे न केवल एक अच्छे नागरिक, बल्कि एक संवेदनशील और जागरूक मानव भी बनते हैं। पर्यावरणीय जागरूकता: पर्यावरणीय जागरूकता का अर्थ है हमारे पर्यावरण की नाज़ुकता को समझना और उसके संरक्षण के महत्व को जानना। "गो ग्रीन" जैसे अभियान भौतिक, रासायनिक, जैविक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारकों के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं। हमारा अभियान "एक पौधा, एक घर" एक स्वस्थ वातावरण के निर्माण में एक मील का पत्थर सिद्ध होग...

Empower Women

   महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य सशक्तिकरण एक गहन मुद्दा है, जो सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रांति है जो पूरे समाज को बदल सकती है। महिलाओं को सृजन की शक्ति माना जाता है, यानी मानव जाति का अस्तित्व महिलाओं के कारण ही माना जाता है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ सृजन की इस शक्ति को विकसित और परिष्कृत करना तथा उन्हें सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता प्रदान करना है। जब महिलाएँ शिक्षित, स्वतंत्र, और आत्मनिर्भर होंगी, तब समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। नारी सशक्तिकरण का सीधा प्रभाव परिवार और बच्चों पर पड़ता है। एक शिक्षित और सशक्त महिला अपने बच्चों को बेहतर जीवन देने में सक्षम होती है। शिक्षा से महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं और अपने लिए सही फैसले लेने में सक्षम बनाती हैं। उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है, जिससे वे केवल घर तक सीमित न रहकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। "यदि हम एक लड़के को शिक्षित करते हैं, तो हम एक व्यक्ति को शिक्षित करते हैं, लेकिन यदि हम एक लड़की को शिक्षित करते हैं, ...

Prahar Education

शिक्षा के क्षेत्र में प्रहार राज फाउंडेशन के कार्य    शिक्षा हमारे मौलिक अधिकारों में से एक हैं। इसके बिना किसी समाज व राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की कल्पना निराधार है। जिस प्रकार बच्चे देश का स्वरूप हैं तो वे समाज के विकास का प्रतिरूप भी होते है। व्यक्ति से व्यक्तित्व और व्यक्तित्व से नेतृत्व की इस जीवन यात्रा को सरल व साकार रूप देने के लिए चरित्र व नैतिकता की उत्पति का मूल आधार शिक्षा है, और शिक्षा का आधार है-जागरूकता।  सामाजिक विचारधारा को शैक्षणिक व सांस्कृतिक मूल्यों के समकक्ष रखकर परिवर्तन पर हुआ मंथन ही छात्र हितों के समान्तर राष्ट्र हितों को उचित दिशा में साध सकता है। इसी इच्छाशक्ति से प्रहार राज फाउडेंशन ने  कक्षा L.K. G. से कक्षा 12वीं तक के अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लियें एक ऐसा  app तैयार किया गया है, जिसमे संपूर्ण स्टडी मैटेरियल मात्र ₹1 प्रतिदिन पर उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि हमारे ग्रामीण क्षेत्र के हर बच्चे तक शिक्षा पहुंच सके | इसके तहत सभी विडियो एनीमेशन फॉर्मेट में बनाये गए है जो बच्चो में रूचि बनाये रखने के लिए जरुरी है | इसक...