तनाव कितनी देर तक लेना है यह तय करें
तनाव कितनी देर तक लेना है यह तय करें एक बार एक मनोविज्ञान के प्रोफेसर कक्षा में स्ट्रेस मैनेजमेंट पढ़ा रहे थे। तभी उन्होने पूछा, "मैं कितना भारी पानी का गिलास पकड़ा हूँ?" छात्रों ने आठ औंस से लेकर दो पाउंड तक कहा। प्रोफेसर ने कहा, "मेरे दष्टिकोण से इस गिलास का भार कितना है, यह कोई मायने नहीं रखता। मैं इसे कितनी देर के लिए पकडता हूं यह महत्वपूर्ण है। अगर मैं इसे एक या दो मिनट के लिए पकडता हूं, तो यह हल्का है। अगर में इसे एक घंटे के लिए सीधा रखता हूं, तो इसके वजन से मेरे हाथ में दर्द हो सकता है। यदि मैं इसे एक दिन के लिए सीधा पकडूं तो मेरे हाथ में ऐंठन, सुन्नता या लकवाग्रस्त तक होने की आंशका है। गिलास का वजन नहीं बदलता लेकिन मैंने कितनी देर तक इसे पकड़ा यह मेरी तकलीफ बढ़ा सकता है। अर्थात् जीवन में आप किसी भी समस्या के बारे में थोड़ी देर के लिए ही सोचें। अगर आप दिनभर उसके बारे में सोचेंगे तो सुन्न और लकवाग्रस्त महसूस करेंगे और जब तक सोंचेगें कुछ भी करने में असमर्थ रहेंगे। इसलिए तनाव अधिक लेने से सिर्फ समस्या बढ़ेगी, समाधान नहीं निकलेगा। अध्ययन के दौरान विश्राम की अव...